जब ज़िन्दगी उदास लगने लगे
टूटती जब हर आस लगने लगे
लगे के हर राह अब अँधेरी है
जब रास्ते नज़र न आयें
सपने जब सताने लगें
जब अँधेरा नींद से जगाने लगे
जब टिमटिमाते सितारे सताने लगें
जब आवाजें सताने लगें
यही पल अगली सुबह का पहला पल है
कुछ ही पलों में ज़िन्दगी फिर अंगडाई लेगी
कुछ ही पलों में रौशनी फिर बहलायेगी
कुछ ही पलों में फिर सुबह आयेगी.
very true nitin....issi aas par zindgi kaayam hai..........thats hope and we live on....
जवाब देंहटाएं...ya subah toh aayegi....so upliftin....
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