मंगलवार, 30 मार्च 2010

महफ़िल


जो हम पर गुजरी है एक बार तुम पे गुज़र जाए
हर गम की तरह तुझ को सीने से लगा लूंगी .... रोमा




इंतज़ार करती हो हम पे वो गुज़र जाने का
और तुम्हारी जुदाई से जो हम पर गुज़रती है 

उसपे ताबज्जू नहीं..... नितेन

Mitr

सम्बन्ध में "बंधन" है
और मित्र में त्रास
बंधन टूट सकते हैं
पर त्रास कभी कम नहीं होती

रविवार, 28 मार्च 2010

अनोखा साया

आज फिर रात वही दिन वही दिन मेरे जीवन में आया
वही दिन मेरे जीवन में आया
नहीं था फिर मुझ पे उसका साया
विश्वास के दुश्मन ने फिर मौका पाया
उसके सामने तो वादे किये थे प्यार के
वादे वादे न रहे बन गए धोखे यार
मैने भी कुछ ऐसा ना कहा 
पर दे गया दोस्त फिर एक इशारा बेरुखी का
मैं सोच तो ना पाया पर फिर भी सोचा
क्या ऐसा भी हो सकता है?
नहीं था जवाब मेरे मन का
हुआ तो पहेली भी था 
पर तब बात कुछ और थी 
तब तो था उसका साया
दोस्त की बात कुछ और थी.
है प्रार्थना यही तुझसे  मेरे मालिक
न दोस्त चाहिए ना दुश्मन
वो साया दे दे जो है ज़िंदगी मेरी
जो है ज़िन्दगी मेरी वो साया दे दे
है ख़ुशी मेरी मुझे तू किनारा दे दे
दोस्त को दे सब खुशियाँ जीवन की
चाहे तो मुझ से जीवन भी ले ले
ले ले सूर्य की रौशनी चन्द्र की चांदनी
यार के लिए
केवल दुनिया को बना दे 
प्यार के लिए

गुरुवार, 25 मार्च 2010

नज़र


मुझे हर एक नज़र न देख पाई
न देख पाई मुझे खुद की भी नज़र
जो देख पाई मुझे वो इक नज़र
जो नज़र 
नज़र नज़र में दास्तां कह गयी 

बुधवार, 24 मार्च 2010

मेरी पहली Face Book महफ़िल

मुझसे  बिछड़ के खुश रहते  हो 

मेरी तरह तुम भी झूठे हो .... रोमा 



ख़ुशी वो अहसास नहीं है जो खो  जाती  है
हमें तो तेरी यादों में भी वो ही महक आती  है .... नितेन 



तुझ को पा के दिल को कभी चैन ना मिल सका 

कितना सकूं हाय उन जुदाइयों मैं  था  .... रोमा 


मृग की तृष्णा उसे कभी सुकून नहीं  देती
कस्तूरी उसके पास है उसे भी अहसास  नहीं ..नितेन


मैं तो मदहोश थी कुछ इतनी उसकी चाहत में 

उसने कब छोड़ दिया साथ मेरा मुझे याद नहीं .... रोमा



पतंग की डोर को चूड़ी में लपेटा था?
जब टूटी तो धागा ही काट दिया,
और हम पर इलज़ाम जुदाई का
जब आपकी कलाई ने ही ना आपका साथ दिया l .. नितेन 

मंगलवार, 23 मार्च 2010

KHUD-AA


Every step I take the winds push me back 3 steps..
I have hence thought of walking backwards..
but the wind changed direction..
I stopped on a side in the shade
and the branch in whose shade I stood fell on me
I am still trying to walk.. but dont know where I will reach
but I have to take the next step..
Even if l have to hold the whole tree.. not just the branch
But l need to know my direction too

Dont know how many times l turned,,..
Let me see the direction..

Let me wash my eyes from this dust of untrue values
l need to be me.. me the KHUDAA
KHUDAA .. the myself I had lost..
KHUDAA .. the inner strength of me I exist for
KHUD-AA.. THAT IS THE TRUE ME.

Shadow

Lonliness .. is but like a shadow.. if you ignore it and look up ...you will find light somewhere which is creating the shadow.. and an object which it reflects from. And thats where you have company.

I need you. To my Ma and Some Special Friends.

I cried a tear, you wiped it dry
I was stressed, you relaxed my mind.
I sold my soul, you bought it back for me.
You held me back and gave me dignity.
Somehow you needed me.


You gave me the strength to stand alone again.
To face the world on my own again
You put me high on the pedestal
So high I could see eternity
You needed me, you needed me


I cant believe its you,
I cant believe its true,
I need you and your are there
I can never loose, 
'Cause I found someone WHO'D CARE


You held my hand when it was cold.
When I lost out, you made me bold.
You gave me hope, when I was at the end,
Turned my lies, back to truth again.
And changed my life when you called me a friend.


You Needed me and I will always need you.

गुरुवार, 18 मार्च 2010

हुस्न

तेरे हुस्न  ने  हमें  लाखों  रंग  दिखाए l  
इश्क के  फेर  से हम  लौट  के  ना  आये l   
गर  ज़िन्दगी  तेरे  दर   पे  तमाम  होती l  
तो फिर  भी  कुछ  ग़म  ना  था , 
पर  क्या  कहें इस सफ़र को, 
जिसमें  खो  गए  अपने  भे  साए l  .

Commitment


Commitment is Character, 

the Power to Change The Realities We Face 

where Our Integrity Triumphs Over 

The Skepticism of others Every Day.

सौर्य उजाला

मत घबराना जीवन के दुखों से 
तेरे साथ वो ऊपर वाला है
मत भूल आज अगर है घनघोर रात्रि 
हर रात्रि का अंत सौर्य उजाला है

जंग अगर है लड़नी तो 
अपनी मलीनता पर पहला वार कर
है अगर विजय देखनी तो
तो अपनी शक्ति को तैयार कर

दे दे की ना तू  पुकार कर
स्व-बल और स्वावलंबन पर विश्वास कर
छोड़ दे तू सर  झुकाना 
अपने अंतर्धाम को नमस्कार कर

सुख और दुख के भय से 
क्यों खुद को डराता है
है आग जो तेरे अन्दर 
क्यों नहीं उसे जगाता है

मत प्रेम कर तू शांति से 
शांत मन तो सुलाने वाला है
मत भूल के जीवन में
स्व-भय ही तुझे जगाने वाला है

मत घबराना जीवन के दुखों से 
तेरे साथ वो ऊपर वाला है
मत भूल आज अगर है घनघोर रात्रि 
हर रात्रि का अंत सौर्य उजाला है

बुधवार, 17 मार्च 2010

Tera Naam

प्यार की आँख भर आती है कँवल खिलते हैं...
जब कभी लब पे तेरा नामे वफ़ा आता है...
धन के घंगोर घटाएं हैं ना हुन के बादल...
सोने चाँदी के गली-कूचे न हीरों के महल... 
आज भी जिस्म के अम्बार हैं बाजारों में...
ख्वाजा-ए-शहर है हुस्न के खरीदारों में...
प्यार की आँख भर आती है कँवल खिलते हैं...
जब कभी लब पे तेरा नामे वफ़ा आता 

4 Questions

But for these 4 words
The world would be such a simple place to live in?


Who?
Where?
Why? 
and 
When?

WHAT WE DO

Whenever we do
Whatever we do
However we do
Wherever we do


We do it 1st for our own happiness.

IRONY

WHEN WE GIVE TO SOMEONE SOMETHING
WE GIVE WHAT WE LIKE
WHEN WE LIKE
AND
IN THE MANNER WE LIKE.

AND WHEN WE EXPECT, WE EXPECT

WHAT WE LIKE
WHEN WE LIKE
AND
IN THE MANNER WE LIKE.

हस

जे मैं मंगदा यार नु

यार ना मेरा हुंदा है I

ते जे मैं मंगदा प्यार नु

प्यार बेगाना हुंदा है I

चार अथरू जा के कित्थे वगावां ,

हर दिल विच ग़म कोई वसदा है I

हस के गुज़ार दे जींद वे बल्लेया,

भला गमा वाले दिल विच वी कोई वसदा है I

Sunshine

THE JOY OF THE MORNING SUNSHINE IS THE JOY EACH OF US HAVE BEEN FAVOURED WITH BY THE ALMIGHTY, HOW WE ENJOY IT OR SLEEP IT OFF IS OUR OPTION. MANY SUCH JOYS ARE PROVIDED BY NATURE AND LIFE, IF WE CLOSE OUR EYES TO THEM ITS WE WHO LOOSE THOSE SPECIAL MOMENTS

Happiness

GET HAPPINESS FOR YOU CAN ONLY GIVE WHAT YOU HAVE.

तदबीर

हाथों की लकीरों पे l
पत्थर की तस्वीरों पे l
कागज़ पे चंद लकीरों पे l
वो क्या जीते बाज़ी,
जो विश्वास करे तकदीरों पे l
जीवन की बाज़ी तो है उसकी,
जो जंग लड़े तदबीरों पे l