आप जो यूं हमसे मिले
औरों का तो हमने
दीदार छोड़ दिया
आप जो यूं हमसे मिले
कोई और दिल में
बसर होता तो कैसे
सारा जूनून
आप पर वार छोड़ दिया
आप जो यूं हमसे मिले
सुरूर और आता भी तो कैसे
जब हुस्ने जाम की खुशबू छु गयी
हमने तो पीना हर जाम छोड़ दिया
आप जो यूं हमसे मिले
स्याह रातों से सिमट गए
अंजन की तरह
सुर्ख लबों को देख जब
आफ़ताब का दीदार छोड़ दिया
आप जो यूं हमसे मिले
दीवाना कहा कर पुकारा
जब आपने
दिवानगी से भी हमने
हर दूसरा मकाम छोड़ दिया
आप जो यूं हमसे मिले
गर आप मिल जाएँ
तो मुकद्दर है
नहीं यही सुनेंगे की
खुदा के लिए संसार छोड़ दिया
....amazin....
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