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गुरुवार, 11 नवंबर 2010
DHOKHA
कसमें वादे प्यार वफ़ा
सब धोखे हैं ज़िंदगी के
इन धोखों को देना धोखा ही है ज़िंदगी
जो दे न पाए धोखा इन धोखों को
मांगता है मौत वो ही
धोखे छोड़ नहीं देते उसे मौत के बाद
आखिर मौत भी तो है धोखा ही.
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