मेरी तरह तुम भी झूठे हो .... रोमा
ख़ुशी वो अहसास नहीं है जो खो जाती है
हमें तो तेरी यादों में भी वो ही महक आती है .... नितेन
हमें तो तेरी यादों में भी वो ही महक आती है .... नितेन
तुझ को पा के दिल को कभी चैन ना मिल सका
कितना सकूं हाय उन जुदाइयों मैं था .... रोमा
मृग की तृष्णा उसे कभी सुकून नहीं देती
कस्तूरी उसके पास है उसे भी अहसास नहीं ..नितेन
कस्तूरी उसके पास है उसे भी अहसास नहीं ..नितेन
arre ...nitin aaise kya narazgi...mehfil sajai aur dostoin ko bulaya bhi nahi...... par..... bahut khoob
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